CHOICEINVESTIGATIONKABIRDHAM

“रेस्क्यू का दावा, हकीकत में लापरवाही”: घायल बायसन की हालत बिगड़ी, वन विभाग की कार्यशैली पर उठे  सवाल

कवर्धा। कुकदूर वन क्षेत्र में घायल बायसन को लेकर वन विभाग के दावे अब सवालों के घेरे में हैं। कागजों में “सफल रेस्क्यू” और “पूर्ण स्वस्थ” बताकर जंगल में छोड़े जाने का दावा किया गया, लेकिन जमीनी तस्वीर इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। बायसन अब भी जंगल में तड़पता हुआ भटक रहा है।

वन विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि शिकारियों के तीर से घायल बायसन के शरीर से तीन तीर निकालकर विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज किया गया और उसे पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद जंगल में छोड़ दिया गया। साथ ही 5 आरोपियों की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता बताया गया।

लेकिन स्थानीय ग्रामीणों और सामने आए वीडियो ने इस दावे की पोल खोल दी है। बायसन कमजोर हालत में इधर-उधर भटक रहा है। वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा, न ही भोजन कर पा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उसके घाव में संक्रमण फैल चुका है और कीड़े पड़ने तक की बात सामने आ रही है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या वन विभाग ने सिर्फ तीर निकालकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली? वन्यजीव विशेषज्ञों का साफ कहना है कि ऐसे मामलों में लगातार इलाज, एंटीबायोटिक और निगरानी जरूरी होती है। बिना पूरी तरह स्वस्थ किए जंगल में छोड़ना सीधे-सीधे लापरवाही मानी जाती है।

THE PUBLIC NEWS
the voice of public
WhatsApp
📲 WhatsApp पर The Public News से जुड़ें
जरूरी खबरें और ताजा अपडेट सीधे WhatsApp पर पाएं।
Follow करें
📰 स्थानीय खबरें • 🚨 क्राइम • 🏛️ राजनीति • 🎓 शिक्षा • 🌾 किसान • 💼 कारोबार

विभाग के दावे और जमीनी हकीकत के बीच का यह फर्क पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहा है। अगर बायसन “पूर्ण स्वस्थ” था, तो फिर उसकी हालत इतनी खराब कैसे हो गई? क्या कागजों में सफलता दिखाने के लिए जल्दबाजी में उसे जंगल में छोड़ दिया गया?

स्थानीय लोगों ने तुरंत दोबारा रेस्क्यू कर इलाज की मांग की है। उनका कहना है कि अगर अब भी इलाज नहीं हुई, तो बायसन की जान जा सकती है।

यह मामला सिर्फ एक वन्यजीव का नहीं, बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल है—क्या संरक्षण सिर्फ फाइलों तक सीमित है?

About Author
रुपेश चन्द्रवंशी

रुपेश चन्द्रवंशी

खोजी पत्रकार|लेखक|संपादक
12+ वर्ष अनुभव BJMC योग्यता
जुड़ें:
लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication) डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ... Read More

लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication) डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और वेब मीडिया में पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है।

कार्यक्षेत्र में समाचार लेखन, संपादन, समसामयिक घटनाक्रम, स्थानीय मुद्दे और जनसरोकार से जुड़े विषय प्रमुख रहे हैं। तथ्यपरक समाचार प्रस्तुति, जमीनी मुद्दों की पड़ताल, जनहित के विषयों, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों और खोजी खबरों को प्रमुखता देना पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता रही है।

समाचारों के माध्यम से जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सामने लाना, तथ्यों को सरल एवं स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करना और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है।

📢
जनता की आवाज़
आपकी समस्या — हमारी पड़ताल
क्या आपके क्षेत्र से जुड़ी कोई समस्या है?
सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार, सरकारी सेवा या अपने क्षेत्र से जुड़ी किसी भी समस्या की जानकारी हमें दें।
⚠️ भ्रष्टाचार 🛣️ सड़क 💡 बिजली 💧 पानी 🏫 शिक्षा 🏥 स्वास्थ्य 🧹 सफाई 🏛️ सरकारी सेवा 📌 अन्य
📸 फोटो और वीडियो भी WhatsApp पर सीधे भेज सकते हैं

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Discover more from THE PUBLIC NEWS

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Enable Notifications OK